हायकू कविता

स्वीकारले मी वास्तव
तू माझी होणार नाहीस
अपेक्षा अवास्तव
----------------------
तूही तीच
मीहि तोच
बदलला तो काळच
                                                          ------------------
 जो तो म्हणतो
मीच खरा
खोट्याचा नखरा
----------------
 पैसे देवून
आयुष्य घेता येत नाही
टाका खर्च करून
------------------
केल्याने अहंकार
माणसे दुरावतात
द्या त्यास नकार
----------------
पुढारी पांढरे
कपडॆ घालतात
काळे कर्म करतात
-----------------
आल्याशिवाय आमंत्रण
परक्याकडे जावूं नये
अपमानास निमंत्रण
--------------------
तू बदललीस
मी नाही
प्रेमाला फसवलीस
------------------
प्रत्येकात एक
लहान मुल दडलंय
हेच विसरलंय
----------------
प्रेमाला वय
नसते
लग्नाचे  असते

© महेश भा. रायखेलकर 

Comments

Popular posts from this blog